
हाल ही में जारी हुई QS (Quacquarelli Symonds) ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 जारी की है। जिसमें IIT दिल्ली ने IIT बॉम्बे को पछाड़कर भारत में टॉप इंस्टीट्यूट की लिस्ट में टॉप पर पर जगह बनाई है। वहीं IIT बॉम्बे इस साल दूसरे स्थान पर खिसक गया है। इन दोनों संस्थाओं के अलावा लगभग 50 फीसदी संस्थाओं ने रैंकिंग में सुधार किया है, जोकि देश की हायर एजुकेशन के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो रहा है। रैंकिंग में दुनियाभर की बात करें तो इस साल भी MIT (Massachusetts Institute of Technology) ने लगातार 14वें साल टॉप किया है।
भारत के लिए यह गौरवपूर्ण पल: पीएम मोदी
QS (Quacquarelli Symonds) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में IIT दिल्ली ने ग्लोबल रैंकिंग में 123वां स्थान हासिल किया है जबकि 2025 में 150वां व 2024 में 197वां स्थान मिला था। वहीं IIT बॉम्बे की बात करें तो इस साल 129वां स्थान हासिल किया है। इस साल की रैंकिंग में इंडिया के कुल 54 संस्थाओं को जगह मिली है। इसके साथ ही भारत अमेरिका, यूके, चीन के बाद इंडिया चौथे स्थान पर आ गया है। वहीं 2025 में 46 और 2024 की रैंकिंग में 41 संस्थानों ने जगह बनाई है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर इसे भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण पल बताया है।
8 संस्थाओं ने पहली बार रैंकिंग में जगह बनाई।
QS World University Rankings 2026 में भारत के 8 ऐसे संस्थान शामिल हुए हैं, जो पहली बार इस प्रेस्टीजियस वर्ल्ड रैंकिंग का हिस्सा बने हैं। यह न केवल इन संस्थानों की प्रगति का संकेत है, बल्कि भारत में उभरते एजुकेशन सेंटरों और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की वैश्विक स्वीकार्यता को भी दर्शाता है। रैंकिंग में इन 8 संस्थाओं को शामिल किया गया है।
1. IIT Gandhinagar सार्वजनिक (IIT)
2. Lovely Professional University (LPU)
3. Kalinga Institute of Industrial Technology (KIIT)
4. Ashoka University
5. Galgotias University
6. Shiv Nadar University
7. CHRIST (Deemed to be a University)
8. Manav Rachna International Institute of Research & Studies (MRIIRS)
अभी भी चुनोतियाँ बनी हुई हैं।
रैंकिंग में इस ग्रोथ के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इसे NEP (National Education Policy 2020) का प्रभाव बताया है। उन्होंने ट्वीट कर इसे रैकिंग में 5 गुना वृद्धि को भारत की नीति सुधारों को सफलता मानी है। हालांकि, अभी भी चुनोतियाँ कम नहीं हैं क्योंकि रैंकिंग में भारत के अधिकांश संस्थाओं ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स और फ़ैकल्टी के मामलों में कमजोरी दिखाई है। इसके अलावा 78 फीसदी विदेशी स्टूडेंट्स की संख्या में गिरावट देखने को मिली है। Facultu to Student Ratio में भारत अभी भी पीछे है।
| Institutes | 2024 | 2025 | 2026 | Progress/Decline |
| IIT Delhi | 197 | 150 | 123 | 📈 +74 Rank |
| IIT Bombay | 149 | 118 | 129 | 📉 -11 Rank |
| IIT Madras | 285 | 227 | 180 | 📈 +105 Rank |
| IIT Kharagpur | 271 | 222 | 215 | 📈 +56 Rank |
| IIT Bengaluru | 225 | 225 | 219 | 📈 +6 Rank |
| IIT Kanpur | 278 | 263 | 222 | 📈 +56 Rank |
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग क्या है?
QS यानी Quacquarelli Symonds। QS हायर एजुकेशन में दुनिया की सभी यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों का एनालिसिस करके हर साल अपनी रैंकिंग जारी करती है। इसकी शुरुआत साल 2004 में Times Higher Education-QS World University Rankings दोनों ने मिलकर की थी। लेकिन साल 2009 में Times Higher Education और QS World University Rankings दोनों ने अलग होने का फैसला किया म इसके बाद से हर साल QS World University Rankings व THE अपनी अलग अलग रैंकिंग जारी करते हैं। QS World University Rankings के अलावा Asia, Latin, Central Asia व Arab Region यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी करती है।