CBSE New Rule: 2026 से साल में 2 बार हो सकती हैं क्लास 10th की परीक्षा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10th क्लास की बोर्ड की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सीबीएसई ने क्लास 10th के बोर्ड एग्जाम साल में 2 बार आयोजित करने के लिए रूल रेगुलाशन्स का एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साल में 2 बार परीक्षा कराने के नियम की शुरुआत एकेडमिक ईयर 2026-27 से होगी। नए ड्राफ्ट के मुताबिक 10th क्लास के पहले बोर्ड एग्जाम फरवरी-मार्च व दूसरे मई में आयोजित होंगे। हालांकि इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा।

नए ड्राफ्ट के मुताबिक सीबीएसई की क्लास 10th की पहले चरण की परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च आयोजित होगी जबकि दूसरे चरण के लिए 5 मई से 20 मई तक आयोजित होंगी। सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दोनों चरणों की परीक्षा पूरे सिलेबस के आधार पर आयोजित होंगी। सभी उम्मीदवारों को दोनों संस्करणों में एक ही एग्जाम सेंटर अलॉट किया जाएगा। यानी जो सेंटर पहले चरण के लिए अलॉट हुआ था उसी में दूसरे चरण की परीक्षा होगी। एग्जाम फॉर्म भरते समय दोनों ही चरणों के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा और कैंडिडेट्स को रजिस्ट्रेशन के समय इसे जमा करवाना होगा।”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई चर्चा 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बोर्ड ने कहा है कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं का पहला और दूसरा चरण एक दूसरे का सप्लीमेंट्री एग्जाम के रूप में काम करेगा यानी किसी भी सिचुएशन में कोई विशेष परीक्षा आयोजित नहीं होगी। नई शिक्षा नीति(New Education Policy 2020) में सिफारिश की गई थी कि बोर्ड परीक्षा के हाई लेवल के रिश्क को खत्म करने के लिए सभी स्टूडेंट्स को किसी भी स्कूल ईयर के दौरान अधिकतम 2 अवसर पर परीक्षा देने की परमिशन दे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण मीटिंग में इस नीतिगत परिवर्तन पर विस्तार से बात हुई थी।

दोनों परीक्षाएं ही अब सप्लीमेंट्री परीक्षा होंगी।

दरअसल, सीबीएसई की दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस के आधार पर आयोजित होंगी और दोनों परीक्षाओं के लिए एक ही एग्जाम सेंटर अलॉट किया जाएगा। इन दोनों परीक्षाओं को ही अब सप्लीमेंट्री परीक्षा माना जाएगा। इसका  मतलब है कि क्लास 10th के लिए अब कोई अलग से सप्लीमेंट्री परीक्षा नहीं होगी। इसके लिए स्टूडेंट्स को पहले से ही सूचित किया जाएगा। कोर्स पूरा होने के बाद स्टूडेंट्स से फॉर्म भरते समय पूछा जाएगा कि वे दूसरे चरण की परीक्षा में बैठना चाहते हैं या नहीं। अगर कोई स्टूडेंट दूसरे चरण की परीक्षा में नहीं बैठना चाहता तो पहले चरण की परीक्षा की मार्कशीट को फाइनल माना जाएगा।

मुख्य विषयों में फेल होने पर दुबारा देनी होगी परीक्षा

सीबीएसई द्वारा बनाये गए नए ड्राफ्ट के मुताबिक अगर कोई स्टूडेंट शूरु के पांच सब्जेक्ट्स जैसे हिंदी, इंग्लिश, मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस में से किसी भी एक सब्जेक्ट में फेल होता है तो उसे दूसरे चरण की सभी सब्जेक्ट्स की परीक्षा देनी होगी। जबकि अगर कोई स्टूडेंट इन पांच विषयों के अलावा बाकी एडिशनल सब्जेक्ट में फेल होता है तो उसे दूसरे चरण में केवल उसी एडिशनल सब्जेक्ट की परीक्षा देनी होगी जिसमें वह फेल हुआ है। बता दें कि अभी ये ड्राफ्ट पब्लिक डोमेन में रखा गया है जिसपर सभी स्टेकहोल्डर्स यानी पेरेंट्स, स्कूल, टीचर्स एसोसिएशन व चुने गए एजीओ की राय ली जाएगी। जिसके बाद इसे फाइनल रूप दिया जाएगा।

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